बंगळुरू · भारतीय प्रमाणवेळ
बंगळुरू पंचांग: मंगळवार, 4 मे 2027
मंगळवार, 4 मे 2027. सूर्योदयावर आधारित दिवसाचे पंचांग — बंगळुरू: तिथी, नक्षत्र, योग, करण, राहू काल आणि चौघडिया. वेळा स्थानिक आहेत (भारतीय प्रमाणवेळ).
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मंगळवार, 4 मे 2027
- वार
- मंगळवार
- सूर्योदय · सूर्यास्त
- 05:57 · 18:35
- चंद्रोदय · चंद्रास्त
- चंद्रास्त 16:41 · चंद्रोदय 04:42 (+1)
- तिथि
- कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 19:31 पर्यंत
- नक्षत्र
- रेवती 03:14 (+1) पर्यंत
- योग
- विष्कंभ
- करण
- गर
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- चांद्र मास
- चैत्र (अमान्त) · वैशाख (पौर्णिमान्त)
- राहू काल
- 15:25–17:00
- यमगंड
- 09:07–10:41
- गुलिक
- 12:16–13:51
- अभिजीत
- 11:51–12:41
मागील दिवस · आज
| पंचांग | सोमवार, 3 मे 2027 | मंगळवार, 4 मे 2027 |
|---|---|---|
| सूर्योदय | 05:58 | 05:57 |
| सूर्यास्त | 18:34 | 18:35 |
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी |
| नक्षत्र | उत्तर भाद्रपद | रेवती |
| योग | वैधृति | विष्कंभ |
| राहू काल | 07:32–09:07 | 15:25–17:00 |
चौघडिया मुहूर्त
| आरंभ–समाप्ती | चौघडिया मुहूर्त |
|---|---|
| 05:57–07:32 | रोग अशुभ |
| 07:32–09:07 | उद्वेग अशुभ |
| 09:07–10:41 | चर मध्यम |
| 10:41–12:16 | लाभ शुभ |
| 12:16–13:51 | अमृत शुभ |
| 13:51–15:25 | काल अशुभ |
| 15:25–17:00 | शुभ शुभ |
| 17:00–18:35 | रोग अशुभ |
| आरंभ–समाप्ती | चौघडिया मुहूर्त |
|---|---|
| 18:35–20:00 | काल अशुभ |
| 20:00–21:25 | लाभ शुभ |
| 21:25–22:51 | उद्वेग अशुभ |
| 22:51–00:16 | शुभ शुभ |
| 00:16–01:41 | अमृत शुभ |
| 01:41–03:06 | चर मध्यम |
| 03:06–04:32 | रोग अशुभ |
| 04:32–05:57 | काल अशुभ |
तिथी, नक्षत्र, योग आणि करण कधी बदलतात
| तिथि | आरंभ | समाप्ती |
|---|---|---|
| कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | सूर्योदयाला | 19:31 |
| कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | 19:31 | 18:17 (+1) |
| नक्षत्र | आरंभ | समाप्ती |
|---|---|---|
| रेवती | सूर्योदयाला | 03:14 (+1) |
| अश्विनी | 03:14 (+1) | 02:31 (+1) |
| योग | आरंभ | समाप्ती |
|---|---|---|
| विष्कंभ | सूर्योदयाला | 16:12 |
| प्रीति | 16:12 | 14:13 (+1) |
| करण | आरंभ | समाप्ती |
|---|---|---|
| गर | सूर्योदयाला | 07:54 |
| वणिज | 07:54 | 19:31 |
| विष्टि | 19:31 | 06:59 (+1) |
मास, पक्ष आणि संवत्सर
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- अमान्त
- चैत्र
- पौर्णिमान्त
- वैशाख
- ऋतू
- वसंत
- अयन
- उत्तरायण
- शक
- 1949
- विक्रम
- 2084
- संवत्सर
- प्लवंग
पंचांग
गणना: astronomy-engine ग्रहस्थिती, प्रमाणित अपवर्तनासह सूर्याच्या वरच्या कडेचा उदय आणि लाहिरी अयनांश; इंग्रजी पानांप्रमाणेच.
प्रत्येक मध्यरात्रीनंतर हे पान नव्याने तयार होते; इतर पंचांगांशी वेळेत काही मिनिटांचा फरक असू शकतो.