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श्रीनगर · भारतीय मानक समय

श्रीनगर पंचांग: शनिवार, 21 नवंबर 2026

शनिवार, 21 नवंबर 2026। सूर्योदय-आधारित दिन का पंचांग — श्रीनगर: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। समय स्थानीय है (भारतीय मानक समय)।

इस दिन का पूरा पंचांग (अंग्रेज़ी)

शनिवार, 21 नवंबर 2026

वार
शनिवार
सूर्योदय · सूर्यास्त
07:08 · 17:24
चन्द्रोदय · चंद्रास्त
चन्द्रोदय 14:54 · चंद्रास्त 04:22 (+1)
तिथि
शुक्ल पक्ष द्वादशी 04:57 (+1) तक
नक्षत्र
रेवती 05:54 (+1) तक
योग
सिद्धि
करण
बव
पक्ष
शुक्ल पक्ष
चंद्र मास
कार्तिक (अमान्त) · कार्तिक (पूर्णिमान्त)
राहु काल
09:42–10:59
यमगंड
13:33–14:50
गुलिक
07:08–08:25
अभिजीत
11:55–12:36

पिछला दिन · आज

श्रीनगर (भारतीय मानक समय)
पंचांगशुक्रवार, 20 नवंबर 2026शनिवार, 21 नवंबर 2026
सूर्योदय07:0707:08
सूर्यास्त17:2417:24
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीशुक्ल पक्ष द्वादशी
नक्षत्रउत्तर भाद्रपदरेवती
योगवज्रसिद्धि
राहु काल10:59–12:1609:42–10:59

चौघड़िया मुहूर्त

दिन
आरम्भ–समाप्तिचौघड़िया मुहूर्त
07:08–08:25काल अशुभ
08:25–09:42शुभ शुभ
09:42–10:59रोग अशुभ
10:59–12:16उद्वेग अशुभ
12:16–13:33चर मध्यम
13:33–14:50लाभ शुभ
14:50–16:07अमृत शुभ
16:07–17:24काल अशुभ
रात्रि
आरम्भ–समाप्तिचौघड़िया मुहूर्त
17:24–19:07लाभ शुभ
19:07–20:50उद्वेग अशुभ
20:50–22:33शुभ शुभ
22:33–00:16अमृत शुभ
00:16–02:00चर मध्यम
02:00–03:43रोग अशुभ
03:43–05:26काल अशुभ
05:26–07:09लाभ शुभ

तिथि, नक्षत्र, योग और करण कब बदलते हैं

तिथि
तिथिआरंभसमाप्ति
शुक्ल पक्ष द्वादशीसूर्योदय पर04:57 (+1)
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी04:57 (+1)02:38 (+1)
नक्षत्र
नक्षत्रआरंभसमाप्ति
रेवतीसूर्योदय पर05:54 (+1)
अश्विनी05:54 (+1)04:15 (+1)
योग
योगआरंभसमाप्ति
सिद्धिसूर्योदय पर02:29 (+1)
व्यतीपात02:29 (+1)23:28 (+1)
करण
करणआरंभसमाप्ति
बवसूर्योदय पर17:51
बालव17:5104:57 (+1)
कौलव04:57 (+1)15:52 (+1)

मास, पक्ष और संवत्

पक्ष
शुक्ल पक्ष
अमान्त
कार्तिक
पूर्णिमान्त
कार्तिक
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन
शक
1948
विक्रम
2083
संवत्सर
पराभव

एकादशी · पूर्णिमा · अमावस्या

देवोत्थान एकादशी

तिथि
20 नवंबर, 07:16 – 21 नवंबर, 06:32
स्मार्त व्रत
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026
वैष्णव व्रत
शनिवार, 21 नवंबर 2026
पारण
21 नवंबर, 12:08 – 22 नवंबर, 04:57

पंचांग

गणना astronomy-engine से ग्रह-स्थितियों, सूर्य के ऊपरी किनारे के मानक अपवर्तन सहित सूर्योदय और लाहिड़ी अयनांश से की गई है; अंग्रेज़ी पृष्ठों जैसी ही गणना।

यह पृष्ठ हर आधी रात के बाद फिर से बनता है; अन्य पंचांगों से समय कुछ मिनट भिन्न हो सकते हैं।