जयपुर · भारतीय मानक समय
जयपुर पंचांग: रविवार, 10 जनवरी 2027
रविवार, 10 जनवरी 2027। सूर्योदय-आधारित दिन का पंचांग — जयपुर: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। समय स्थानीय है (भारतीय मानक समय)।
रविवार, 10 जनवरी 2027
- वार
- रविवार
- सूर्योदय · सूर्यास्त
- 07:17 · 17:51
- चन्द्रोदय · चंद्रास्त
- चन्द्रोदय 08:53 · चंद्रास्त 20:05
- तिथि
- शुक्ल पक्ष तृतीया 09:29 (+1) तक
- नक्षत्र
- श्रवण 15:11 तक
- योग
- वज्र
- करण
- तैतिल
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- चंद्र मास
- पौष (अमान्त) · पौष (पूर्णिमान्त)
- राहु काल
- 16:31–17:51
- यमगंड
- 12:34–13:53
- गुलिक
- 15:12–16:31
- अभिजीत
- 12:13–12:55
पिछला दिन · आज
| पंचांग | शनिवार, 9 जनवरी 2027 | रविवार, 10 जनवरी 2027 |
|---|---|---|
| सूर्योदय | 07:17 | 07:17 |
| सूर्यास्त | 17:50 | 17:51 |
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वितीया | शुक्ल पक्ष तृतीया |
| नक्षत्र | उत्तराषाढा | श्रवण |
| योग | हर्षण | वज्र |
| राहु काल | 09:55–11:14 | 16:31–17:51 |
चौघड़िया मुहूर्त
| आरम्भ–समाप्ति | चौघड़िया मुहूर्त |
|---|---|
| 07:17–08:36 | उद्वेग अशुभ |
| 08:36–09:55 | चर मध्यम |
| 09:55–11:15 | लाभ शुभ |
| 11:15–12:34 | अमृत शुभ |
| 12:34–13:53 | काल अशुभ |
| 13:53–15:12 | शुभ शुभ |
| 15:12–16:31 | रोग अशुभ |
| 16:31–17:51 | उद्वेग अशुभ |
| आरम्भ–समाप्ति | चौघड़िया मुहूर्त |
|---|---|
| 17:51–19:31 | शुभ शुभ |
| 19:31–21:12 | अमृत शुभ |
| 21:12–22:53 | चर मध्यम |
| 22:53–00:34 | रोग अशुभ |
| 00:34–02:15 | काल अशुभ |
| 02:15–03:55 | लाभ शुभ |
| 03:55–05:36 | उद्वेग अशुभ |
| 05:36–07:17 | शुभ शुभ |
तिथि, नक्षत्र, योग और करण कब बदलते हैं
| तिथि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| शुक्ल पक्ष तृतीया | सूर्योदय पर | 09:29 (+1) |
| नक्षत्र | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| श्रवण | सूर्योदय पर | 15:11 |
| धनिष्ठा | 15:11 | 17:52 (+1) |
| योग | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| वज्र | सूर्योदय पर | 17:01 |
| सिद्धि | 17:01 | 17:37 (+1) |
| करण | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| तैतिल | सूर्योदय पर | 20:21 |
| गर | 20:21 | 09:29 (+1) |
मास, पक्ष और संवत्
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- अमान्त
- पौष
- पूर्णिमान्त
- पौष
- ऋतु
- हेमंत
- अयन
- दक्षिणायन
- शक
- 1948
- विक्रम
- 2083
- संवत्सर
- पराभव
पंचांग
गणना astronomy-engine से ग्रह-स्थितियों, सूर्य के ऊपरी किनारे के मानक अपवर्तन सहित सूर्योदय और लाहिड़ी अयनांश से की गई है; अंग्रेज़ी पृष्ठों जैसी ही गणना।
यह पृष्ठ हर आधी रात के बाद फिर से बनता है; अन्य पंचांगों से समय कुछ मिनट भिन्न हो सकते हैं।