जयपुर · भारतीय मानक समय
जयपुर पंचांग: शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026। सूर्योदय-आधारित दिन का पंचांग — जयपुर: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल और चौघड़िया। समय स्थानीय है (भारतीय मानक समय)।
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026
- वार
- शनिवार
- सूर्योदय · सूर्यास्त
- 06:35 · 17:44
- चन्द्रोदय · चंद्रास्त
- चंद्रास्त 11:59 · चन्द्रोदय 22:38
- तिथि
- कृष्ण पक्ष षष्ठी 16:58 तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा 07:11 तक
- योग
- सिद्ध
- करण
- वणिज
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- चंद्र मास
- आश्विन (अमान्त) · कार्तिक (पूर्णिमान्त)
- राहु काल
- 09:23–10:46
- यमगंड
- 13:33–14:57
- गुलिक
- 06:35–07:59
- अभिजीत
- 11:48–12:32
पिछला दिन · आज
| पंचांग | शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 | शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 |
|---|---|---|
| सूर्योदय | 06:35 | 06:35 |
| सूर्यास्त | 17:45 | 17:44 |
| तिथि | कृष्ण पक्ष पंचमी | कृष्ण पक्ष षष्ठी |
| नक्षत्र | मृगशिरा | आर्द्रा |
| योग | शिव | सिद्ध |
| राहु काल | 10:46–12:10 | 09:23–10:46 |
चौघड़िया मुहूर्त
| आरम्भ–समाप्ति | चौघड़िया मुहूर्त |
|---|---|
| 06:35–07:59 | काल अशुभ |
| 07:59–09:23 | शुभ शुभ |
| 09:23–10:46 | रोग अशुभ |
| 10:46–12:10 | उद्वेग अशुभ |
| 12:10–13:33 | चर मध्यम |
| 13:33–14:57 | लाभ शुभ |
| 14:57–16:21 | अमृत शुभ |
| 16:21–17:44 | काल अशुभ |
| आरम्भ–समाप्ति | चौघड़िया मुहूर्त |
|---|---|
| 17:44–19:21 | लाभ शुभ |
| 19:21–20:57 | उद्वेग अशुभ |
| 20:57–22:34 | शुभ शुभ |
| 22:34–00:10 | अमृत शुभ |
| 00:10–01:47 | चर मध्यम |
| 01:47–03:23 | रोग अशुभ |
| 03:23–05:00 | काल अशुभ |
| 05:00–06:36 | लाभ शुभ |
तिथि, नक्षत्र, योग और करण कब बदलते हैं
| तिथि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| कृष्ण पक्ष षष्ठी | सूर्योदय पर | 16:58 |
| कृष्ण पक्ष सप्तमी | 16:58 | 14:52 (+1) |
| नक्षत्र | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| आर्द्रा | सूर्योदय पर | 07:11 |
| पुनर्वसु | 07:11 | 05:39 (+1) |
| पुष्य | 05:39 (+1) | 04:30 (+1) |
| योग | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| सिद्ध | सूर्योदय पर | 17:30 |
| साध्य | 17:30 | 14:38 (+1) |
| करण | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| वणिज | सूर्योदय पर | 16:58 |
| विष्टि | 16:58 | 03:52 (+1) |
| बव | 03:52 (+1) | 14:52 (+1) |
मास, पक्ष और संवत्
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- अमान्त
- आश्विन
- पूर्णिमान्त
- कार्तिक
- ऋतु
- शरद
- अयन
- दक्षिणायन
- शक
- 1948
- विक्रम
- 2083
- संवत्सर
- पराभव
पंचांग
गणना astronomy-engine से ग्रह-स्थितियों, सूर्य के ऊपरी किनारे के मानक अपवर्तन सहित सूर्योदय और लाहिड़ी अयनांश से की गई है; अंग्रेज़ी पृष्ठों जैसी ही गणना।
यह पृष्ठ हर आधी रात के बाद फिर से बनता है; अन्य पंचांगों से समय कुछ मिनट भिन्न हो सकते हैं।